इंसान गलतियों से सबक सिखता है
“ इंसान गलतियों से सबक सिखता है, यह जरूरी नहीं के कोन गलत है, जरूरी यह है क्या गलत है. बीते हुए दिनों को सपने की तरह भूल जाओ, मेरा मानना है के नए दिनों की शुरुवात पुरानी यादों से करने वाले लोग अक्सर नुकसान में रहते है ”
“ इंसान गलतियों से सबक सिखता है, यह जरूरी नहीं के कोन गलत है, जरूरी यह है क्या गलत है. बीते हुए दिनों को सपने की तरह भूल जाओ, मेरा मानना है के नए दिनों की शुरुवात पुरानी यादों से करने वाले लोग अक्सर नुकसान में रहते है ”
“यह जरूरी नही है के हम समय को कितना महत्व दे रहे है , महत्व यह है के हम समय…
Unity in Diversity: The Concept of Religions Across Cultures By: Shahid Siddiqui Chapter I: Introduction Religion has been an…
यह दुनिया इस कदर , गुम है अपनी जहालत में हिसाब सब का जरूर होगा, एक दिन कयामत में दर्द…
Update version : 1.0-11-12-2024 जिंदगी के पहलू में रिश्ते की हकीकत रिश्ते जीवन का आधार हैं। वे हमारे अनुभवों, भावनाओं…
Sahib, Sahiba, aur Begum: A Tale of Love, Ambition, and Destiny BY Shahid Siddiqui Introduction:- “Sahib, Sahiba, and Begum”…
परिचय जब हम स्कूल में पढ़ते हैं तो हमें सिखाया जाता है कि साल में 12 महीने होते हैं –…